राजस्थान विधानसभा उप चुनाव – कांग्रेस प्रत्याशियों ने भरें नामांकन , 4 बड़े नेता रहें मोजूद , सचिन पायलट की मुख्य भूमिका

 

 

 

राजस्थान विधानसभा उप चुनाव में कांग्रेस का सन्देश हम एक लेकिन जाजम में अभी भी भेद –

 

राजस्थान विधानसभा उप चुनाव – कांग्रेस प्रत्याशियों ने भरें नामांकन , 4 बड़े नेता रहें मोजूद 

 

राजस्थान में होने जा रहें विधानसभा उप चुनावों में कांग्रेस पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंक रही हैं इस के लियें  राजस्थान प्रभारी अजय माकन , मुख्यमंत्री अशोक गहलोत , पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोडासरा , एक जाजम का सन्देश देने की कोशिश कर रहें हैं आज नामांकन का आखरी दिन था तो कांग्रेस पार्टी ने अपने तीनों प्रत्याशियों के पक्ष में नामांकन रेली को संबोधित किया लेकिन घटनाक्रम पर आपसी रार दिख रही हैं

सुजानगढ़ से कांग्रेस उम्मीदवार मनोज मेघवाल ने अपना  नामांकन भरा हैं तो सहाड़ा से गायत्री त्रिवेदी ने अपना नामांकन भरा हैं राजसमंद में कांग्रेस उम्मीदवार तनसुख बोहरा की नामांकन भरा हैं 

सूत्रों की माने तो सुजानगढ़ सीट पर पायलट ग्रुप की पकड़ अच्छी हैं तो कांग्रेस पार्टी यहाँ सचिन पायलट को मुख्य चेहरा बनाना चा रही हैं 

 

राजस्थान विधानसभा

 

क्यों ख़ास हैं कांग्रस के लियें यह उप चुनाव – 

 

राजस्थान में कांग्रेस पार्टी अंत कलह जग जाहिर हैं अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व् प्रभारी अजय माकन यह सन्देश देने की कोशिश कर रहें हैं की कांग्रेस पार्टी में सब सही हैं लेकिन आज भी दोनों गुटों में मन मुटाव साफ़ देखने का मिल जाता हैं अब कांग्रेस सत्ता में रहते हुयें तीनो सीट जीत जाती हैं तो 2022  में आने वाले चुनावों में कांग्रेस का मनोबल बद जायेगा वही अगर भाजपा ने 2 सीटो पर जीत दर्ज कर ली तो भाजपा और प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया मजबूत हो कर कांग्रेस को घेरेगे सूत्रों की मानें तो 3 सीट में से 2 कांग्रेस और एक भाजपा के खाते में जाती नज़र आ रही हैं लेकिन इन सीटों पर हनुमान बेनीवाल की रालोपा भी वोटों का समीकरण बिगाड़ने का दम रखती हैं हनुमान बेनीवाल जाट वोटों के दलित वोटों को साधने में लग रहें हैं बाकी राजनीति में समीकरण पल पल बदलते रहते हैं |

 

 

 

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव – पहले चरण में 79 .79 % हुई वोटिंग , कई जगह विवाद

 

 

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पहलें चरण के मतदान बूथ कैप्चरिंग की कोशिश   ई वी एम्  पर फिर उठे सवाल –

 

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के पहले चरण की 30 सीटों पर वोटिंग हुई। असम में 47 सीटों पर भी वोट डाले गए। बंगाल में मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस (TMC) और बीजेपी में माना जा रहा है। इस चरण में 73 लाख से अधिक मतदाताओं ने 191 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला किया। पहले चरण में पुरुलिया जिले की सभी नौ सीटों, बांकुड़ा की चार सीटों, झारग्राम की चार सीटों, पश्चिम मेदिनीपुर की छह और पूर्व मेदिनीपुर की सात सीटों पर मतदान हुआ।

 

 

 

कोविड-19 के दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए मतदान हुआ। जानें मतदान से जुड़े लाइव अपडेट्स

 

प्रथम चरण के चुनाव में कुछ जगह बूथ कैप्चरिंग की शिकायत के साथ ही कुछ अन्य विवाद सामने आई हैं

 

मुख्य बातें – 

ममता बनर्जी रविवार से अगले पांच तक नंदीग्राम में ही रहकर चुनाव प्रचार करेगी इसके साथ ही एक्टर मिथुन चक्रवती , अमित शाह आगामी दो दिन तक रोड शो करेगें , दुसरे चरण का चुनाव प्रचार मंगलवार को खत्म हो जायेगा – गुरुवार को मतदान पड़ेगें

 

केलाश विजयवर्गीय ने कहा – 6 साल से बंगाल से पहला चुनाव हुआ जिसमे हिंसा और धांधली की कम घटनायें हुई , दुसरे चरण में एसी 10 फीसदी घटनायें भी न हो , उसके लियें हमने चुनाव आयोग से असामाजिक तत्वों पर करवाई करने की मांग की |

 

 

 

 

 

राजस्थान विधान सभा उप चुनाव – तीसरे दिन 5 नामांकन पत्र हुए दाखिल

विधान सभा उप चुनाव-2021
तीसरे दिन 5 नामांकन पत्र हुए दाखिल
तीनों विधानसभाओं में नामांकन पत्र दाखिल करने वाले उम्मीदवारों की संख्या 6 हुई।
जयपुर, 25 मार्च। प्रदेश की तीन विधानसभाओं के लिए होने वाले उपचुनाव में नामांकन के तीसरे दिन 5 उम्मीदवारों ने 6 नाम निर्देशन पत्र (नोमिनेशन) दाखिल किए हैं। इन सहित अब तक 6 उम्मीदवारों द्वारा 7 नामांकन पत्र दाखिल करवाए जा चुके हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि मंगलवार को लोक अधिसूचना जारी होने के साथ ही सुजानगढ़, राजसमंद और सहाड़ा के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने का कार्य आरंभ हो गया था। गुरुवार को भीलवाड़ा के सहाड़ा विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी  दिनेश कुमार शर्मा और राजसमंद विधानसभा से 3 निर्दलीय उम्मीदवार  मोहन लाल,  गिरिराज कुमावत और  नीरूराम कापरी ने नामांकन पत्र दाखिल किया। चुरू के सुजानगढ़ से निर्दलीय प्रत्याशी  त्रिलोकचंद मेघवाल ने नामांकन दाखिल किया है। इस तरह आज 5 और कुल 6 उम्मीदवारों द्वारा 7 नामांकन पत्र दाखिल किए जा चुके हैं।
 गुप्ता ने बताया कि उम्मीदवार 30 मार्च तक नाम निर्देशन पत्र दाखिल कर सकते हैं। प्राप्त सभी नामांकन पत्रों की 31 मार्च को संवीक्षा की जाएगी, जबकि 3 अप्रेल तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे। 17 अप्रेल को प्रातः 7 बजे से सायं 6 बजे तक मतदान होगा, जबकि मतगणना 2 मई को करवाई जाएगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी बताया कि आमजन नामांकन की स्थिति, उम्मीदवारों द्वारा अपलोड किए गए एफिडेविट आदि सभी तरह की जानकारी विभाग की वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि विभाग की वेबसाइट ceorajasthan.nic.in पर ‘एसेंबली बाइ इलेक्शन-2021‘ लिंक दिया है, जहां उप चुनाव से जुड़ी तमाम तरह की जानकारी उपलब्ध है।

प्रदेश के 4 जिलों ( भीलवाड़ा, उदयपुर, राजसमंद और चूर में उप चुनाव की तैयारी शुरू , मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ली नोडल अधिकारियों की बैठक

विधान सभा उपचुनाव-2021
निर्वाचन विभाग ने शुरू की विधानसभा उप चुनाव की तैयारी, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ली नोडल अधिकारियों की बैठक
जयपुर, 10 फरवरी। निर्वाचन विभाग ने प्रदेश के 4 जिलों (भीलवाड़ा, उदयपुर, राजसमंद और चूरू) में होने वाले विधान सभा उप चुनाव के लिए तैयारियां शुरू कर दी है। इस कड़ी में बुधवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी  प्रवीण गुप्ता ने विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों से बैठक कर जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने सचिवालय परिसर स्थित समिति कक्ष-1 में हुई बैठक में संबंधित नोडल अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि चुनाव की घोषणा होने के साथ ही संबंधित जिलों में आचार संहिता प्रभावी हो जाएगी। ऎसे में आबकारी विभाग, पुलिस और नारकोटिक्स विभाग को और अधिक सतर्क और सजग रहना होगा। उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग यह सुनिश्चित करे कि संबंधित जिलों में पर्ची के आधार पर शराब की बिक्री ना हो। साथ ही प्रतिदिन शराब की बिक्री की मॉनिटरिंग भी की जाए। उन्होंने गोदाम से रिटेल शराब बिक्री नहीं करने, निगरानी के लिए मुखबिर बढ़ाने और चौक पोस्ट की संख्या में बढ़ोतरी करने पर जोर दिया
 गुप्ता ने कहा कि उडन दस्ता एवं स्थैतिक निगरानी दलों के द्वारा पूरे क्षेत्र की निगरानी रखें और यह सुनिश्चित करे कि किसी प्रकार की नगद राशि, वस्तुएं (धोती, कंबल, साडी आदि), शराब आदि का वितरण मतदाताओं को नहीं किया जा सके। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर उडनदस्ता दल को भेजकर तुरन्त आवश्यक कार्यवाही की जाए। उन्होंने टीमों में प्रभारी पुलिस कर्मी ए.एस.आई रैंक से कम का ना हो, यह सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों में भी त्वरित कार्यवाही कराई जाए और अवैध हथियार, मदिरा एवं वाहनों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही कर इन्हें जब्त किया जाए।
अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री कृष्ण कुणाल ने पुलिस विभाग के अधिकारियों को विगत चुनावों के दौरान निर्वाचन संबंधित मामलों में दर्ज एफआईआर की वस्तुस्थिति की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस, प्रेक्षकों व मुख्य निर्वाचन अधिकारी से समन्वय रखा जाए। उन्होंने चारों जिलों की आवश्यकता के अनुसार केन्द्रीय रिजर्व बलों का आकलन, मांग व व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों के अनुरूप केन्द्रीय रिजर्व बलों के रहने, खाने पीने, यातायात आदि संबंधित व्यवस्था सुनिश्चित करें।
श्री कुणाल ने आयकर विभाग के नोडल अधिकारियों को 24 बाय 7 संचालित होने वाले नियंत्रण कक्ष की स्थापना व टोल फ्री नं. की सुविधा प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एफएसटी और एसएसटी द्वारा 10 लाख से अधिक धनराशि जब्त होने की सूचना पर आयकर विभाग द्वारा तत्काल कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि चिन्हित किये जाने वाले निर्वाचन व्यय संवेदनशील विधानसभा क्षेत्रों एवं व्यय संवेदनशील पॉकेट्स पर कड़ी निगरानी रखी जाएं। उन्होंने बैंको से 10 लाख रुपए से अधिक की राशि के शंकित लेनदेन को आयकर अधिनियम के तहत जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आयकर विभाग के दलों की तैनाती किया जाए ताकि दलों के द्वारा अवैध रूप से नगद परिवहन पर निगरानी रखी जाए।

खाप पंचायतों के फैसले से हिल गयी जुमले वाली सरकार

पिछले 2 महीने से ज्यादा का समय बित चुका है और दिल्ली की सीमाओं पर किसान आंदोलन की गूंज अब धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय हलकों में सुनाई देने लगी है। दो महीनों के दौरान आंदोलन कृषि कानूनों के खिलाफ कई रंग ले चुका है और इसी वजह से जुमले वाली सरकार की नींद उड़ गयी है। गणतंत्र दिवस के दिन ट्रैक्टर रैली के दौरान हिंसा ने आंदोलनकारियों के लिए परेशानी खड़ी कर दी थी लेकिन इसके बाद जिस तहर टिकैत ने किसानों के लिए मरने की बात कही उसको लेकर किसानों में जबरदस्त जोश देखने को मिल रहा है।

दिल्ली हिंसा को लेकर टिकैत ने सार्वजनिक तौर पर माफी मांगकर केन्द्र सरकार को ललकारा था कि अगर वह इस आंदोलन को खत्म करने के लिए किसी भी हद तक चले जाए लेकिन यह आंदोलन जारी रहेगा। इसके बाद पंजाब, हरियाणा और यूपी के किसानों ने टिकैत का समर्थन करने का फैसला किया है। वहीं दूसरी तरफ खाप पंचायतों ने आर-पर की जंग लड़ने का ऐलान भी कर दिया है। इसके साथ दिल्ली में बैठी बहरी व जुमले वाली सरकार को चेता दिया है कि जल्द से जल्द किसानों की बात नहीं मानी गयी तो आंदोलन तेज होगा पीएम को पद छोड़ना होगा।

बुधवार को भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने हरियाणा के जींद में हजारों किसानों के साथ महापंचायत करके सरकार पर और दबाव बनाने की बात कही है। टिकैत ने मोदी सरकार को चेताया कि अगर कानूनों को वापस नहीं लिया गया तो उसके लिए सत्‍ता में बने रहना चुनौती होगी। इसके साथ दिल्ली की सीमाओं पर जो तारबंदी करने के साथ किलेबंदी की है उसको लेकर कहां की जो राजा डरता है वह ऐसा करता है।

किसान आंदोलन पर विदेशी लोगों द्वारा जो टिप्पणियां की है उसके बाद बॉलीवूड व खेल जगत के लोगों ने उनको करारा जवाब दिया है। अजय देवगन, लता मंगेशकर, अक्षय कुमार, सचिन तेंदुलकर व विराट कोहली सहित कई बड़े लोगों ने ट्वीट किया है कि किसी भी भारतीय मुद्दे पर विचान करने के लिए भारत सक्षम है।

दिन-रात कांटों व पत्थरों में खेती करने वाले किसानों को कांटों से डराने चला फेकू मोदी

पिछले 2 महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है और किसान सगंठन 3 नये कृषि बिलों को समाप्त करने की मांग को लेकर दिल्ली की सिमाओं पर आंदोलन कर रहे है। 2 महीने के अन्तराल में किसानों और सरकार के बीच कई दौरे की वार्ता हो चुकी है लेकिन इसके बाद भी कोई नतीजा नहीं निकल पाया है और इस दौरान किसानों ने सरकार को जगाने के लिए कई प्रकार के प्रयास किये लेकिन मोदी सरकार किसानों की बात को अनसुना कर रही है।

26 जनवरी के दिन ट्रेक्टर परेड़ के दौरान लाल किले पर जो हिंसा हुई उसको लेकर किसानों पर कई तरह के आरोप लगाये जा रहे है और किसान संगठन इस हिंसा पर खेद प्रकट करने के साथ हिंसक प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की और एक बार फिर दिल्ली कूच करने की तैयारी शुरू कर दी है। कृषि कानून के खिलाफ किसानों ने अपने आंदोलन को तेज करने के साथ 6 फरवरी को चक्का जाम का ऐलान कर दिया है। ऐसे में दिल्ली के बॉर्डरों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है, गाजीपुर बॉर्डर पर तार, नुकीली कील और बैरिकेडिंग तक लगा दी गई है, सुरक्षा के मध्यनजर ट्रेनों को भी डाइवर्ट किया जा रहा है।


किसानों ने पहले ही चेतावनी दी है कि वह तीनों बिलों खत्म करने के बाद ही अपना आंदोलन खत्म करेंगे। दिल्ली की सीमाओं पर जो कंटीले तारों व कीलों आदि वाली जबर्दस्त बैरिकेडिंग की गई है जिसकों लेकर किसानों ने कहा कि वह दिन-रात खेतों में कांटों व पत्थरों के बीच रहकर खेती करता है तो उसे इन तारों के जाल से नहीं डराये तो सरकार के लिए अच्छा होगा।


सरकार के सख्त रूख को देखते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि हमने सरकार को अक्टूबर तक का समय दिया है और इसके बाद भी सरकार हमारे मांगें नहीं मानती है तो 40 लाख ट्रैक्टरों के साथ देशव्यापा ट्रैक्टर रैली निकालेंगे। टिकैत ने कहा कि कानून वापसी नहीं तो घर वापसी नहीं की बात भी कही है। सरकार उन किसानों को डरा रही है जो गर्मी,सर्दी और बारिश के मौसम में तपकर बढ़ा हुआ है और उसे कभी पानी की धार से तो कभी पुलिस बल से तो कभी कांटों का डर दिखा रही है जो किसी हास्यपद से कम नहीं है।

जुमले वाली सरकार के बजट से आम व खास हुआ निराश, जानें पूरी खबर

भारत के इतिहास में पहली बार पेपरलेस बजट प्रस्तुत किया गया लेकिन इस बजट को लेकर लोगों ने मोदी सरकार की जमकर आलोचना की है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसे मेड इन इंडिया टैबलेट से पढ़ा जो अच्छी बात है लेकिन उनके इस टैबलेट से आम व खास के लिए कुछ नया नहीं निकला।

सामाजिक सुरक्षा के दायरे में ठेका कर्मचारी को पहली बार सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 में गिग और प्लेटफॉर्म कर्मचारियों को शामिल किया गया। डिजिटल जनगणना के लिए सरकार ने बजट में 3ए760 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है। इस बजट के बाद आम जनता की जेब ढीली होने वाली है क्योंकि इस बजट के बाद घरेलू सामानों की किमतों में जबरदस्त इजाफा देखने को मिलेगा। पेट्रोल, डीजल, शराब, लेदर, सोना, चांदी और गाड़ियां जैसी चीजों की कीमत में बदलाव देखने को मिलेगा।

18 प्रोडक्ट्स महंगे
मोबाइल पार्ट्स, बैटरी और चार्जर ,फ्रिज,एसी पर 5 प्रतिशत तक इंपोर्ट ड्यूटी बढाई गयी है। इसके साथ ही आने वाले दिनों में पेट्रोल व डीजल की कीमतों में भारी इजाफा देखने को मिल सकता है। इसके कारण सभी चीजों के दाम बढ़ना तय है।

8 सामान सस्ते हुए
आम आदमी से परे गोल्ड, सिल्वर और प्लेटिनम की ज्वैलरी पर इंपोर्ट ड्यूटी 5 प्रतिशत कम की गई है। इसके कम होने से आमजन को कोई बड़ा फायदा नहीं होता दिख रहा है। इस बजट के बाद लोगों ने कहा कि कोरोना के कारण जब लोगों की नौकरी चली गयी है और लोगों को नौकरी का इंतजार है। लेकिन इस बजट में नौकरियों को लेकर कोई ऐलान नहीं किया है।

इस बजट में किसानों के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया गया जबकि पिछले 2 महीने से किसान संगठन कृषि बिलों को खत्म करने व एमएसपी को लेकर आंदोलन कर रहे है। अगर इस बजट में किसानों को राहत के लिए कुछ बड़े फैसले लिये जाते तो किसानों को विश्वास होता की मोदी सरकार उनके हितों के बारे में सोचती है लेकिन ऐसा देखने को नहीं मिला।

 

जुमले वाली सरकार का फेकू बजट 2021: जानिए पूरा बजट

कोरोना काल में मोदी सरकार का बजट लोगों को कितना पसंद आयेगा इसके बार में तो अभी लोगों की प्रतिक्रिया आना बाकी है लेकिन कोरोना काल के नाम पर जुमले वाली सरकार का यह फेकू बजट किसानों, सेना और आम जनता के लिए क्या लेकर आया है इसके बार में नीचे विस्तार से जान सकते हैं। पिछले साल कोरोना काल की आड में फेकू सरकार ने 3 नये कृषि कानून बिल पास कराके उन्हें लागू कर दिया लेकिन पिछले 2 महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है और फेकू सरकार किसानों की मांग नहीं मान रही है और उनको सड़कों पर रात गुजराने पर मजबूर कर रही है।

75 साल से अधिक उम्र वाले पेंशनधारकों को इनकम टैक्‍स नहीं भरना होगा
ट्राइब्यूनल्स के कामकाज़ को सुधारा जाएगा
जनगणना डिजिटल होगी
लेह में सेंट्रल युनिवर्सिटी बनाई जाएगी
100 नए सैनिक स्कूल खोले जाएंगे
बैंकों में 20,000 करोड़ की पूंजी डाली जाएगी

कश्मीर क्षेत्र में गैस पाइपलाइन का विस्तार किया जाएगा
3 नए रुट्स पर रेलवे नए फ्रंट कॉरोडोर बनेंगे
सरकारी बस सेवा पर 18000 करोड़ का खर्च होगा
मार्च 2022 तक 8500 किमी हाईवे बनाए जाएंगे
3 नए रुट्स पर रेलवे नए फ्रंट कॉरोडोर बनेंगे
अर्बन जल जीवन मिशन लॉन्च किया जाएगा
कोरोना वैक्सीन के लिए 35,000 करोड़ आवंटित

स्वास्थ्य योजना पर 64180 करोड़ रुपये खर्च होंगे
17 नए अस्तपताल शुरु किए जाएंगे
सभी राज्यों का स्वास्थय डाटा बेस बनाया जाएगा
सभी राज्यों का इंटीग्रेटिड डाटा बेस तैयार होगा
किसानों की आय दोगुनी होगी
भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी
आत्मनिर्भर भारत के लिए नई योजना लॉन्च करेंगे

राजस्थान निकाय चुनाव में कांग्रेस का दबदबा

राजस्थान में निकाय चुनाव के नतीजों पर कांग्रेस पार्टी ने मतदाताओं और कार्यकर्ताओं का आभार जताया है। हालांकि कांग्रेस को बड़ी जीत नहीं मिली है लेकिन निर्दलियों के कारण वह बीजेपी से ज्यादा बोर्ड बनाने में सफल हो सकती है। लेकिन कई ऐसे निकायों में निराशा का भी सामना करना पड़ा है जहां मौजुदा सरकार के बड़े मंत्री आते हैं या फिर उन क्षेत्रों में कांग्रेस के विधायक हैं। लेकिन इसके बाद भी आलाकमान के नेताओं के साथ राजस्‍थान के प्रभारी अजय माकन ने खुशी जाहिर की है।

राजस्‍थान के 90 शहरों में निकाय चुनाव के नतीजे आ चुके हैं और लगभग 50 से ज्यादा बोर्ड कांग्रेस के पाले में जाते हुए दिख रहे है। इस बार भाजपा के गढ़ माने जाने वाले कई बोर्डो पर कांग्रेस ने बाजी मारी है। लेकिन कांग्रेस के लिए बहुत बड़ी चुनौती वहां है जहां आने वाले दिनों में चार विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव होने हैं। क्योंकि यहां 4 में 3 सीटों पर बीजेपी का दबदबा रहा है। मुख्यमंत्री गहलोत के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों को जनता ने सराहा है।

प्रदेश के 20 जिलों के 90 निकाय के चुनाव परिणाम के बाद 3034 वार्डों के चुनाव परिणाम जारी कर दिये गये है और जिसमें सबसे ज्यादा वार्डों 1197 के साथ कांग्रेस पहले स्थान पर है तो भाजपा 1140 वार्ड जीतने में सफल रही है। इस बार 634 वार्डों में निर्दलीयों ने कब्जा किया है।
चुनाव नतीजों के बाद बीजेपी ने आरोप लगाया कि सत्ता में होने के बाद भी कांग्रेस को ज्यादा बड़ी जीत नहीं मिली है और नतीजों के परिणाम के बाद भी वह अपनी पीठ थपथपा रहे हैं। जबकि उनके बड़े नेता इस जीत को कांग्रेस के लिए बड़ी जीत बता रहे है जबकि बीजेपी अपने दम पर कांग्रेस से ज्यादा वार्डो पर कब्जा किया है और कांग्रेस अब निर्देलियों के भरोसे अपनी जीत के सपने देख रही है।

किसानों के लिए जान की बाजी लगाने को तैयार है राकेश टिकैत

2 महिने से ज्यादा का समय बीत चुका है और किसान संगठन नये कृषि कानूनों को खत्म करने के लिए लगातार सरकार पर दबाव बनाने के लिए शांति पूर्वक धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन 26 जनवरी को टै्रक्टर परैड के दौरान जो लाल किले पर हिंसा की घटना हुई उसको लेकर राकेश टिकैत ने साफ शब्दों में कह दिया है कि वे लोग हमारे साथ नहीं थे और उनका हमारे साथ कोई लेना देना नहीं है। हिंसा के बाद पुलिस ने सभी किसान नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी है और इस कारण किसान नेताओं ने आंशका जाहिर की है पुलिस उन्हें जबरदस्ती गिरफ्तार कर सकती है लेकिन फिर भी आंदोलन चलता रहेगा।

जयंत चौधरी ने किसान आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान कर चुके है। गुरुवार शाम 4 बजे तक गाजीपुर बॉर्डर पर भारी पुलिस बल की तैनाती के बाद माहौल ऐसा बन गया था कि किसानों को घर भेज दिया जाएगा। लेकिन हरियाणा से हजारों किसान रात में ही गाजीपुर बॉर्डर के लिए रवाना हो गए और वे सभ आज मुजफ्फरनगर में किसान महापंचायत करेंगे। खबरों के अनुसार बताया जा रहा है गाजीपुर बॉर्डर पर राकेश टिकैत धरनास्थल से हटने को तैयार हो गए थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है ।टिकैत के गांव में ऐलान किया गया कि हर किसान गाजीपुर पहुंचेगा।

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रात 11 बजे से मेरठ, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और शामली से भारी संख्या में लोगों ने गाजीपुर के लिए कूच शुरू कर दिया। हरियाणा में भी कई खापों ने ऐलान कर दिया वे भी दिल्ली बॉर्डर पर पहुंचेंगी।पुलिस ने धरनास्थल को चारों तरफ से सील कर दिया इसके बाद टिकैत ने रोते हुए कहा कि मुझे मारने की साजिश रची जा रही है और मैं खुदकुशी कर लूंगा लेकिन देश के किसानों को बर्बाद नहीं होने दूंगा।


दिल्ली हिंसा के मामले में पुलिस ने 37 किसान नेताओं को आरोपी बनाया गया है। इनमें राकेश टिकैतए मेधा पाटकर, योगेंद्र यादव, दर्शन पाल, राजिंदर सिंह, बूटा सिंह बुर्जगिल और जोगिंदर सिंह के साथ अन्य लोगों के नाम है। हिंसा के बाद राष्ट्रीय मजदूर किसान संगठन और भारतीय किसान यूनियन ने खुद को आंदोलन से अलग करने का ऐलान भी कर दिया है।