समर्पण संस्था का “ शिक्षा के लिए समर्पण “ 

जरूरतमंद निर्धन विद्यार्थियों के शिक्षा सहयोगी होगें “ एज्युकेशनल एम्बेसेडर –
शैक्षिक सत्र 2021-22 में शिक्षा सहयोग के लिए चयनित 100 ज़रूरतमंद निर्धन “समर्पण आदर्श विद्यार्थियों “ की सूची जारी…
संस्था के नवाचार में 68 आर्थिक सम्पन्न “ एज्युकेशनल एम्बेसेडर्स “ ने ली 71  “समर्पण आदर्श विद्यार्थियों “ की संपूर्ण शिक्षा की ज़िम्मेदारी 
29 समर्पण आदर्श विद्यार्थियों को संस्था द्वारा दी जाएगी शिक्षा सहायता
शिक्षा सहायता हेतु कक्षा 1 से 10 तक के विद्यार्थियों के लिए 5 जुलाई से 20 जुलाई तक तथा कक्षा 11 से कॉलेज स्तर तक के विद्यार्थियों के लिए 25 जूलाई से 10 अगस्त तक “शिक्षा सहायता पखवाड़ा “ होगा आयोजित
   जयपुर, 24 जून । ज़रूरतमंद विद्यार्थियों की शिक्षा सहायता के लिए समर्पित समर्पण संस्था द्वारा शैक्षिक सत्र 2021-22  में 7वें शिक्षा सहायता कार्यक्रम के तहत कुल चयनित 100 ज़रूरतमंद विद्यार्थियों की शिक्षा सहायता की जाएगी । शिक्षा सहायता में निर्धन विद्यार्थियों को उनकी आवश्यकता अनुसार किताबें , फ़ीस, नोटबुक, स्टेशनरी , स्कूल बैग, यूनीफॉर्म आदि भेंट किये जाएँगे ।
   संस्था द्वारा देशभर में 68 एज्युकेशनल एम्बेसेडर नियुक्त किए गये हैं । इनमें सॉंगली महाराष्ट्र के पद्मश्री डॉ. विजय कुमार शाह को “ ग्लोबल एज्युकेशनल ब्रांड एम्बेसडर “ नियुक्त किया गया है ।
   प्रत्येक आर्थिक सम्पन्न एज्युकेशनल एम्बेसेडर को एक निर्धन ज़रूरतमंद “समर्पण आदर्श विद्यार्थी “ के शिक्षा के सभी ख़र्चों की ज़िम्मेदारी दी गई है । यह ज़िम्मेदारी सभी एज्युकेशनल एम्बेसेडर प्रति वर्ष समर्पण आदर्श विद्यार्थियों को शिक्षा सहायता उपलब्ध करवाकर निभायेंगे ।
 संस्था द्वारा चयनित 71 ज़रूरतमंद समर्पण आदर्श विद्यार्थियों की शिक्षा की ज़िम्मेदारी नियुक्त 68 एज्युकेशनल एम्बेसेडर्स को दी गई है । जिसमें संस्था के मुख्य संरक्षक सेवानिवृत आई. ए. एस. डॉ. बी. एल. जाटावत सहित अन्य कई एज्युकेशनल एम्बेसेडर ने दो निर्धन समर्पण आदर्श विद्यार्थियों की शिक्षा की ज़िम्मेदारी ली है । तथा शेष रहे 29 चयनित जरूरतमंद विद्यार्थियों को संस्था की तरफ़ से शिक्षा सहायता दी जायेगी ।
   संस्था ने डॉ. जाटावत सहित संस्था के प्रधान मुख्य संरक्षक जनाब अब्दुल सलाम जौहर, मुख्य सलाहकार व पूर्व ज़िला न्यायाधीश श्री उदय चन्द बारूपाल, मुख्य संरक्षक सेवानिवृत्त कर्नल एस. एस. शेखावत, रावत एज्युकेशनल ग्रुप के निदेशक श्री नरेन्द्र सिंह रावत को “एज्युकेशनल ब्रांड एम्बेसेडर “ नियुक्त किया है ।
  शिक्षा सहायता उपलब्ध करवाने के लिए संस्था द्वारा कक्षा 1 से 10 तक के विद्यार्थियों के लिए आगामी 5 जुलाई से 20 जुलाई तक तथा कक्षा 11 से कॉलेज स्तर तक के विद्यार्थियों के लिए 25 जुलाई से 10 अगस्त तक शिक्षा सहायता पखवाडा आयोजित किया जायेगा ।
 शिक्षा सहायता पखवाड़ा संस्था के कार्यकारी कार्यालय, 18 बी, श्रीकल्याण नगर, करतारपुरा , जयपुर स्थित वस्त्र बैंक परिसर में प्रतिदिन अपराह्न 3 से 5 बजे तक आयोजित होगा । जिसमें रोज़ 5 से 10 एज्युकेशनल एम्बेसेडर व समर्पण आदर्श विद्यार्थियों को बुलाया जायेगा । सभी एज्युकेशनल एम्बेसेडर को नियुक्ति पत्र व समर्पण आदर्श विद्यार्थियों को परिचय पत्र दिया जायेगा ।  शिक्षा सहायता पखवाड़े में विद्यार्थियों को संस्था द्वारा एज्युकेशनल एम्बेसेडर के माध्यम से शिक्षण सामग्री के तहत किताबें , फीस, यूनिफॉर्म , स्टेशनरी , स्कूल बैग आदि भेंट किये जायेगें ।
  संस्था द्वारा प्रत्येक समर्पण आदर्श विद्यार्थी से एक प्रपत्र भरवाया जा रहा है जिसमें उनके द्वारा समाज हित में किए गए अच्छाई के कार्यों का उल्लेख करना होगा ।जिसे किसी अन्य व्यक्ति द्वारा प्रमाणित करवाकर संस्था कार्यालय में जमा करवाना अनिवार्य होगा । यह बच्चों में बचपन से ही समाज हित में अच्छे कार्य करने के लिए विचार जागृत हो इसके लिए संस्था का प्रयास है ।
संस्था के संस्थापक अध्यक्ष आर्किटेक्ट डॉ. दौलत राम माल्या के अनुसार –
“हमारी शिक्षा तभी सार्थक बनती है , जब वह त्याग, सेवा व सहयोग के साथ जुड़ जाती है। समाज के सम्पन्न व्यक्तियों का कमजोर वर्ग के प्रति संवेदनशील होना बहुत ज़रूरी है ।हम यदि किसी को शिक्षा देते है तो वह उसके जीवनभर का  इन्तज़ाम होता है।”

नारानिया फार्म हाउस के द्वारा दी जाएगी औषधीय पौधों की फार्मिंग की निःशुल्क ट्रेनिंग –

Free training of medicinal plants farming will be given by Narania Farm

House – 

 

 

जयपुर  |आज दिनांक-22 जून 2021 को नारानिया कृषि फार्म तितरिया , तहसील चाकसू में औषधीय एवम जैविक खेती का शुभारम्भ किया गया। कृषि फार्म के मालिक हरजेश नारानिया के द्वारा बताया गया कि डॉ बी.एल.मीणा के द्वारा फार्म हाउस पर औषधीय खेती, जैविक खेती, हर्बल खेती, फलों के पेड़ों की खेती की जानकारी दी गयी। फार्म हाउस की डायरेक्टर ममता नारानिया ने बताया कि वर्षा ऋतु में औषधीय पौधारोपण कर मॉडल फार्मिंग तकनीक को विकसित किया जाएगा साथ ही महिला समूह बनाकर महिलाओ को जैविक व औषधीय कृषि की निःशुल्क जानकारी दी जाएगी और कृषि हेतु प्रेरित किया जाएगा। फार्म पर औषधीय पौधों में शतावरी,अश्वगंधा, सफेद मूसली, सर्पगंधा, कलिहारी, कालमेघ, मोरिंगा, स्टीविया आदि की नई तकनीक से फार्मिंग की जाएगी।

कोविड19 –  जन कला साहित्य मंच संस्था सामाजिक कार्यो में अग्रणी – सेनीटाइज मशीनें , सुखा राशन वितरण कार्यक्रम निरंतर जारी –

 

कोविड -19 राहत अभियान –

 

संस्था समन्वय – नरेंद्र महावर द्वारा जन सहयोग

 

जयपुर | कोविड 19 व् लॉक डाउन के चलते स्लम क्षेत्र में निवास करने वाले नकारात्मक रूप से प्रभावित पीड़ित परिवारों एवं उनके आश्रितों तथा कोरोना की वज़ह से बेरोजगार हुवे परिवारों को जन कला साहित्य मंच संस्था मानसरोवर जयपुर ,निरंतर उन्हें रहत पहुंचाने के कार्य में लगी हुई है |

इस दौरान बेघर हुवे बच्चों को आश्रय देना,भोजन-पानी की व्यवस्ता करना, उनको मानसिक पीड़ा से राहत हेतु मनोरंजन व् योगा जैसे कार्य क्रम  संचालित कर रही है |

इसके लिए संस्था समाज सेवकों, संस्थाओं के साथ मिलकर सहयोग कर रही है , संस्था ने सामाजिक कार्यकर्ता पवन देव  ,एवं संस्था समन्वयक नरेन्द्र महावर , अजय , शाहिस्ता , कीर्ती एवं रेखा के सहयोग से बाबा रामदेव नगर कच्ची बस्ती,एवं भिश्तियों का मोहल्ला रामगंज बाज़ार  में 80 पैकेट सुखा राशन वितरण किये ।

 

जन सहयोग – संस्था कार्यकर्ता शाहिस्ता जी द्वारा

 

 

कोविड-19 राहत अभियान 2021द्वारा 5 सेनीटाइज मशीनें नगर निगम को भेंट की गई

कोरोना महामारी से पीड़ित परिवारों एवं उनके आश्रितों तथा कोरोना की वजह से बेरोजगार हुए परिवारों को पिछले 15 दिनों से जन कला साहित्य मंच संस्था, लाइफ मेडिकेयर हेल्पलाइन सोसायटी, उत्कर्ष संस्था ,अपना घर मानसरोवर ,जयपुर चाइल्ड लाइन 1098 तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा गठित कोविड-19 राहत अभियान के माध्यम से अब तक 5000 से अधिक लोगों को भोजन एवं राशन सामग्री वितरित की जा चुकी है इसके अलावा बीमारी से ग्रसित व्यक्तियों को उनकी आवश्यकता अनुसार हॉस्पिटल, बेड ,ऑक्सीजन आदि मदद की जा रही है |

आज कोविड राहत अभियान 2021 के अंतर्गत कोरोना से पीड़ित परिवारों एवं उनके आसपास के घरों को सैनिटाइज करने हेतु 5 सैनिटाइजर मशीनें जयपुर ग्रेटर नगर निगम की फायर कमेटी के चेयरमैन व पार्षद पारस कुमार जैन को भेंट की गई |

इस अवसर पर जन कला साहित्य मंच संस्था के सचिव कमल किशोर लाइफ मेडिकेयर हेल्पलाइन सोसायटी के सचिव डॉ सतीश गुप्ता एवं जयपुर चाइल्ड लाइन 1098 की समन्वयक जया शशि सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र कुमार ,दिनेश चंद्र,  पूजा दायमा आदि मौजूद रहें |

 

संस्था द्वारा जन सहयोग – सामाजिक कार्यकर्ता कीर्ति द्वारा

इन सैनिटाइजर मशीनों का उपयोग मानसरोवर क्षेत्र में किया जाएगा प्रत्येक मशीन के माध्यम से प्रतिदिन करीब 50 घरों को सैनिटाइज किया जाएगा ।

जयपुर शहर की विभिन्न बस्तियों में भोजन सामग्री का वितरण किया जा रहा है और हॉस्पिटलों में तथा होम आइसोलेशन में रह रहे परिवारों को भी भोजन सामग्री पहुंचाई जा रही है |

मालवीय नगर में जुमिओ द्वारा विकलाग ओर बुजुर्ग को राशन वितरण किया गया – रेनू घेघट

200राशन कीट और 100आईसोलेशन कीट और 50ओक्सीमीटर वितरण 

 

मालवीय नगर में जुमिओ द्वारा विकलाग ओर बुजुर्ग को राशन वितरण किया गया। इस अवसर पर  वार्ड नम्बर 113 के पार्षद मानवीय ओम् प्रकाश राणवा ने कोविड 19 की गाइड लाइन की पालना करते हुयें लोगों को जानकारी दी |

सामाजिक कार्यकर्ता रेनू घेघट ने बताया की वैश्विक महामारी कोरोना ने लोगों के अपनों को खोया हैं साथी ही लॉक डाउन ने उन्हें बुरी तरह से नकारात्मक रूप से प्रभावित किया हैं लॉक डाउन के चलते कई गरीब , विकलांग लोगों को बहुत बुरे हालातों का समाना करना पड़ा हैं यहाँ तक की कई गरीब परिवार के लोगों को दो वक्त का भोजन की भी समस्या उत्पन्न हो गई थी इस स्थिति में हमने व्यक्तिगत सर्व करा कर जरूरतमंद लोगों को राशन किट उपलब्ध कराया हैं जुमिओ  संस्थान द्वारा |

 

इस अवसर पर युवा साथी  अनिल , रवि, उमेश ,समीर ओर सन्नी आदि ने सहयोग किया |

 

 

ABSS राजस्थान प्रान्त की कोविड – 19 से उत्पन्न हुई चुनोतियाँ पर चर्चा –

आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति का ऑनलाइन वेबिनार संपन्न –
mohan jaipal
जयपुर।  आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति, राजस्थान प्रान्त ने covid 19 महामारी और सामाजिक समस्याओं पर वेबिनार का आयोजन किया गया। आज के वेबिनार की शुरुआत राष्ट्रीय महासचिव मांगी लाल भूतिया और जुगराज बैरवा द्वारा की गई।
समिति के वक्ताओं ने राजस्थान में समाज के प्रमुख मुद्दों को लेकर जिसमें आरक्षण व आर्थिक स्थिति पर चर्चा की गई, साथ ही covid 19 माहामारी से समाज में आए संकट के समाधान पर राय रखी गई। गौरतलब हैं कि आज के वेबिनार में राजस्थान से 14 जिलों से 35 से अधिक वक्ताओं और सदस्यों ने भाग लिया।
 आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति  के राष्ट्रीय अध्यक्ष आर पी सिंह के मार्गदर्शन में तथा राष्ट्रीय महासचिव मांगी लाल भूतिया के नेतृत्व में राजस्थान प्रान्त की वेबिनार का आयोजन किया गया जिसमें कई  बिन्दुओं पर चर्चा की गई –
राजस्थान में आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति का विस्तार को लेकर, राजस्थान में अनुसूचित
 जाति पर बढ़ते अत्याचारों पर अंकुश हेतु रणनीति, 4-कोविड 19 से उत्पन्न चुनौतियां एवं निराकरण में योगदान, पर प्रमुखता से चर्चा की गई।
मिटिंग का आगाज़ परिचय सत्र से हुआ तत्पश्चात मांगी लाल भूतिया राष्ट्रीय महासचिव ने सामान्य परिचय, उद्देश्य व संगठन की 15 सूत्रीय मांगो पर बिन्दुवार प्रकाश डाला ।
आज के वेबिनार में कालूराम मेघवाल श्री गंगानगर कोदर लाल बुनकर बांसवाड़ा,बीएल बैरवा सेवानिवृत्त आयकर अधिकारी जयपुर प्रोफेसर आर एल बैरवा  सवाई माधोपुर  द्वारा राजस्थान में अनुसूचित जाति पर बढ़ते अत्याचारों पर अंकुश लगाने के रणनीति बनाए जाने पर संक्षेप में विचार व्यक्त किये । लक्ष्मण यादव डूंगरपुर,लक्ष्मी नारायण बारूपाल,के बारूपाल सीकर,किशन सिंह,बद्री नारायण बाकोलिया टोंक, मोहन जयपाल, सुरेश नागर, डाॅ. जे पी सिंह अम्बेडकर नई दिल्ली,डाॅ महेन्द्र प्रताप सिंह उत्तर प्रदेश एम पी सिंह  राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ABSS आदि के द्वारा राजस्थान में आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के विस्तार के सन्दर्भ में अपने विचार व्यक्त किये ।
जुगराज बैरवा आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति महासचिव ने बताया कि कोविद 19 से उत्पन्न चुनौतियों का सामना एवं pay back to society में अपना योगदान विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए तथा मीट का संचालन किया ।
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय इन्जीनियर आर पी सिंह के द्वारा अपने विचारों में बताया कि लगातार प्रयास करने पर मंजिल को प्राप्त किया जा सकता है, आपका साथ मेरी ताकत को बढ़ाता है । राजस्थान में कांग्रेस सरकार होने के उपरान्त भी अनुसूचित जाति के लोगों पर अत्याचार बढना एक विडम्बना नहीं तो क्या है?इन इश्यूज को निकट भविष्य में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के समक्ष आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारियों के द्वारा रखा जायेगा, यदि फिर भी सुधार नहीं होता है तो हम हमारे हक अधिकारों के लिए राजस्थान में बड़ा आन्दोलन करेगे इस हेतु सभी से तैयार रहने का आह्वान किया ।
राजस्थान में संगठन की गतिविधियों के विस्तार के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा कालूराम मेघवाल श्रीगंगानगर को राजस्थान प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया गया जिसका सभी के द्वारा समर्थन किया गया । साथ ही जसबिन्दर कौर,भूपेंद्र तलनिया हंसराज सीकर किशन सिंह जानवरों,दयाराम बारुपाल परमजीत सिंह भट्टु आदि ने सहभागिता की ।
  मांगी लाल भूतिया राष्ट्रीय महासचिव द्वारा सभी का आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित कर मिटिंग समापन की घोषणा की ।

शिवा सर्वांगीण विकास संस्थान की ओर से  Environmental conservation And Balance कार्यक्रम शुरू – 

एक पौधा एक संकल्प – हमारी ज़िम्मेदारी – बीना बैरवा 
पर्यावरण और पौधा रोपण कार्यक्रम एक पौधा एक संकल्प पर्यावरण को बचाने के लिए कार्य किया जा रहा है।  शिवा सर्वांगीण विकास संस्थान की ओर से एक पौधा एक संकल्प कार्यक्रम चलाया जा रहा है जिसमें संगठन से जुड़ा हुआ प्रत्येक व्यक्ति हर माह एक पौधा लगाने का संकल्प लिया हैं ।
संस्था के प्रवक्ता गुलशन दीप ने कहा हैं की संस्था द्रद्संकल्प होकर पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लियें काम कर रही हैं इस वर्ष संस्था 1 लाख पौधे लगाने का संकल्प ले कर कार्य कर रहें हैं वर्तमान समय में हमारे संस्था के 200 से अधिक कार्यकर्ता राजस्थान में पौधा रोपण कार्यक्रम कर रहें हैं |
यह संस्था पूरे भारत में करोड़ो पेड़ लगाने के लिए संकल्परत है। इस संस्था की ओर से अब तक 500 पेड़ लगाए जा चुके हैं। इस संस्था का मिशन धरती को हरा भर कर अपने जीवन को सुंदर बनाना है। यह संस्था विगत 2 साल से शिक्षा के साथ पर्यावरण संबंधी कार्य कर रहा है।

पहली पीढ़ी गोली खाएगी……दूसरी पीढ़ी जेल जाएगी ………तीसरी पीढ़ी राज करेगी – बाबू जगदेव प्रसाद के जीवन दर्शन पर – संवैधानिक अधिकार संगठन का वेबीनार संपन्न 

संवैधानिक अधिकार संगठन राजस्थान की महामानव की कहानियां वेबीनार संपन्न –
संगठन के प्रदेशाध्यक्ष धर्मेंद्र तामडिया ने बताया कि वर्तमान कोरोना महामारी से पूरा देश जूझ रहा है इस समय सरकार की गाइडलाइन का पालन करते हुए आम जनता को जागरूक करना और स्व अनुशासन की पालना कराने की जिम्मेदारी हम सब की है अभी घर पर बैठकर समय का सदुपयोग करने के लिए महात्मा ज्योतिबा फुले, सावित्रीबाई फुले अंबेडकर, साहूजी महाराज तमाम महामानव जिन्होंने गैर बराबरी की व्यवस्था के खिलाफ लड़ाई लड़ी उनके जीवन दर्शन को  समझने जरूरत है |
आज का वेबीनार बाबू जगदेव प्रसाद के जीवन दर्शन पर किया गया जिसमें मुख्य कहानीकार मोनिका शर्मा और गोपाल मीणा जी रहे मोनिका ने कहा कि बिहार में जन्मे बाबू जगदेव प्रसाद जी का जीवन बहुत संघर्ष भर रहा था वो  समाजवाद के लिए लड़ाई लड रहे थे | इस दौरान उनको जातीय उत्पीड़न का भी शिकार होना पड़ा था जब वह पढ़ लिखकर जिला कमिश्नर की नौकरी के लिए इंटरव्यू देने गए तो उन्हें पूछा गया कि आप किस जाति से हो जब उनकी जाति बताएं तो सामने वाले ने कहा कि आपका काम तो खेती करना है आप तो खेती करो और पशु चराओ यह बात बाबू जगदेव प्रसाद को बहुत बुरी तरह से चुभ गई और इस जातीय मानसिकता को बदलने के लिए उन्होंने इस व्यवस्था खिलाफ संघर्ष करना शुरू कर दिया था गरीब दलित वंचितों के लिए संघर्ष करते समय पुलिस प्रशासन की गोली से उनकी मौत हो गई थी उन्होंने कहा था की पहली पीढ़ी गोली खाएगी ,दूसरी पीढ़ी जेल जाएगी ,तीसरी पीढ़ी राज करेगी |
 गोपाल मीणा सरपंच ग्राम पंचायत हीरापुरा तहसील फागी ने कहा कि बाबू जगदेव प्रसाद के जीवन संघर्ष से हमें सीख लेनी चाहिए और उनकी नेतृत्व क्षमता को देखते हुए स्वयं की नेतृत्व क्षमता को भी विकसित करने की जरूरत है |
पवन देव के द्वारा संवैधानिक अधिकार संगठन की टीम का परिचय करवाया गया तथा सीमा कुमारी ने कहा कि इन कहानियों के माध्यम से महामानव के जीवन दर्शन को सुनने के बाद धरातल पर काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता होंसला बढ़ता है और उनसे प्रेरणा लेकर अच्छा काम करते है ‌|
कार्यक्रम का मंच संचालन राम तरुण ने किया इस दौरान पूरे राजस्थान के विभिन्न जिलों से सामाजिक कार्यकर्ता जुड़े जयपुर से शाहिस्ता खान, शाबिर कुरेशी ,चंदा लाल बेरवा, चाकसू से जितेंद्र बैरवा,कमल सिंह,रतन लाल बेरवा,राष्ट्रीय सेवा योजना से हरीश बेरवा,राष्ट्रीय वंचित लोक मंच के प्रहलाद धामनिया,रेनवाल फागी से लक्ष्मण, दौसा से भाग चन्द निकटपुरी ,हेमन्त ,टोंक से रामकेश प्रजापत,कविता शर्मा, द्वारिका शर्मा, अलवर से संजना, कवि सुरेंद्र आजाद ,मनोहरपुर से अर्जुन लाल मोहनपुरिया पूर्व सरपंच,जोधपुर से ललिता पवार, जोगाराम कडेला अरूणा लीलावत,उदयपुर हरलाल बेरवा, अजमेर से नेहा सेन, भीलवाड़ा से अंशुल तंबोली, आदि उपस्थित रहे |

कोविड अस्पताल RUHS के सामने – क्रांतिकारी नौजवान सभा (KNS) का विरोध प्रदर्शन

क्या बस पैसे वाले ही ले सकते हैं कोरोना का अच्छा ईलाज 
कोरोना में केंद्र व राज्य सरकारों की लापरवाही और निजीकरण के खिलाफ जयपुर के युवाओं ने किया विरोध प्रदर्शन
प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाले कोविड-मरीज़-परिजनों ने किया RUHS में कोरोना के इलाज में गम्भीर धांधली और गड़बड़ियों का
खुलासा।
16 मई, जयपुर। राजस्थान के सबसे बड़े कोविड केंद्र प्रतापनगर स्थित RUHS के मेन गेट पर आज युवाओं ने केंद्र और राज्य सरकार की लापरवाही, लच्चर स्वस्थ्य व्यवस्था, निरंकुशता और निजीकरण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। क्रांतिकारी नौजवान सभा(KNS) की राज्य कमिटी की अगुवाई में किए गए इस प्रदर्शन में शहर के युवाओं के साथ-साथ मौक़े पे मौजूद कोविड मरीज़ों के परिजनों, अम्बूलेंस चालकों, औटो ड्राइवर और RUHS में अलग-अलग प्रकार का काम कर रहे लोगों ने भी स्वतः हिस्सा लिया। इस प्रदर्शन के दौरान हुई बातचीत से यही निष्कर्ष निकलता है कि कोरोना का सही इलाज उसी को मिल सकता है जिसके पास लाखों रुपए हैं।
KNS के युवाओं ने उपस्थित लोगों से बात करते हुए कहा, “स्वास्थ्य सेवा हमेशा से ही  खराब हालत मे थी। जनसंख्या पर डाक्टरों-अस्पतालों-अन्य स्वास्थ्य सुविधाओ का अनुपात, सरकारी अस्पतालों की दयनीय स्थिति, निजी अस्पतालों की लूट और दवाईयों के बढ़ते दामों से यह बात साफ हो जाती है। असल स्वास्थ्य बजट GDP के 0.34 %  से ज्यादा नही है और देश के स्वास्थ्य खर्च का मात्र 17% ही सरकार उठाती है। यानि की बाकी 83 % स्वास्थय खर्च जनता सीधे अपनी जेब से भुगत रही है। भारत का यह स्वास्थ्य बजट प्रत्येक व्यक्ति पर होने वाले खर्च के हिसाब से पूरी दुनिया मे सबसे कम है। यदि सरकारी अस्पताल अच्छे से काम करे तो कोई प्राइवेट अस्पताल क्यों जाएगा? और प्राइवेट अस्पताल और दवा कंपनीयां  सरकार बनाने वालों को रिश्वत के रूप मे बड़े फ़ंड देते हो, तो यह लोग सरकारी अस्पताल को बेहतर क्यों बनाएँगे? इस प्रकार प्राइवेट स्वास्थ्य व्यवस्था को चलाने के लिए जानबूझकर सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को खत्म किया जा रहा है।”
वहाँ उपस्थित बीलवा से आए एक कोविड-मरीज़-परिजन ने सरकारी व्यवस्था के अंदर भी मुनाफ़ाखोरी का इल्ज़ाम लगाते हुए कहा, “यहाँ पर(RUHS में) गरीब लोगों के लिए बेड नहीं मिल रहे हैं, पैसे वालों को और अप्प्रोच वालों को सबको बेड दे रहे हैं गवर्नमेंट वाले। गवर्नमेंट हॉस्पिटलों में भी गरीब लोगों के लिए कोई सुविधा नहीं है। गरीब लोग बाहर लाईन में खड़े रहते हैं, बेड तक भी नहीं है। ये हमारे अंकल हैं(जो कोविड मरीज़ होते हुए भी उनके पास ही खड़े हैं), दो-तीन दिन हो गए हैं इनको बेड नहीं मिला। बहुत अप्प्रोच लगा लिया। गरीब लोगों को लेटा रखा है फ़र्श के उपर, ऑक्सीजन वग़ैरह कुछ नहीं दे रहे। जैसे ही अबूलेंस आती है , कहते हैं बेड नहीं है, किसी और हॉस्पिटल जाओ। कहाँ जाएँ? SMS में भी जगह नहीं है, बीलवा में भी नहीं है, कहीं पे भी जगह नहीं हाई। प्राइवेट हॉस्पिटल ले के जाते हैं, प्राइवेट हॉस्पिटल वाले भी मना कर देते हैं। ले जाएँ तो कहाँ ले जाएँ? बहुत से लोग अंबुलेंस में दम तोड़ रहे हैं। ऑक्सीजन वाले बहुत पेशेंट आते हैं यहाँ, उन्हें ऑक्सीजन ही नहीं मिल रही हाई अंबुलेंस वालों को कहीं से भी। पेशेंट रेफ़र करें तो भी कैसे करें? कोविद सेंटर बढ़ाए जाएँ, गरीबों का भी इलाज हो, पैसे वालों को तो इलाज मिल ही रहा है, गरीब ऐसे ही भटक रहे हैं।”
चोमू तहसील, गाँव सोडलपुर से अपनी माता को ले कर आए एक व्यक्ति ने कहा, “डाक्टर और कर्मचारी ध्यान नहीं दे रहे हैं, हालत खराब है । सुधार है लेकिन हालत खराब है, क्यूँकि टाईम से ध्यान नहीं दे रहे हैं। सीधा यहीं ले कर आए हैं, पहले यहाँ लिया नहीं था, बाद में यहीं ले लिया। वेंटिलटर तो नहीं मिला, अंदर फ़र्श पर ही लेटा रखा है । चार दिन तो फ़र्श पर ही रखा, बाद में हमने ही किसी दूसरे का बेड ख़ाली हुआ, उसपे रखा।”
चोमू तहसील के ही तालाडेरा गाँव से आए ओमप्रकाश बागड़ ने कहा, “मेरी दादी जी यहाँ भर्ती हैं। यहाँ आने से पहले सिरियस कंडीशन हो गई थी। दस पंद्रह प्राइवेट हॉस्पिटलों में भटक कर आए, वहाँ पर जाते ही ऑक्सीजन लेवेल देखते और मना कर देते कि हमारे यहाँ ओकसीजन नहीं है, दूसरी जगह जाओ। भटकते भटकते दस घंटे हो गए। SMS भी गए। फिर यहाँ आ गए। यहाँ पर आते ही पहले तो इसने मना कर दिया, यहाँ पर बेड नहीं है, ऑक्सीजन का प्रबंध नहीं है। फिर लास्ट ओप्शन यही था, तो हम रुके थोड़ी देर, फिर वार्ड बोय खुद ही आया, अंदर के इलाक़े (वेटिंग एरिया) में एडमिट किया।”
पिछले साल आई कोरोना की पहली लहर को हम फिर भी अचानक आई आपदा मान सकते है, पर यह दूसरी लहर तो साफ तौर पर सरकार की लापरवाही है। 3 मार्च 2021 को Reuters मे कोरोना वाइरस पर नजर रखने के लिए बड़े वैज्ञानिकों और दस राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं की एक संस्था INSACOG के हवाले से एक खबर छपी थी कि तेज़ी से फैलते संक्रमण के बीच भारत सरकार नए कोरोना डबल म्यूटेंट वाइरस B.1.617( कोरोना का नया रूप ) के बारे मे उनकी चेतावनी को नजरंदाज कर रही है। यानि कि सरकार को 3 मार्च से पहले ही पता था कि कोरोना की दूसरी लहर पहले से ज्यादा संक्रामक और घातक होने वाली है । 24-25 मार्च को जागरण और अन्य अखबारों मे स्वास्थ्य मंत्रालय के हवाले से  खबर आई कि 18 राज्यो में यह म्यूटेंट तेज़ी से फैल रहा है। फिर भी केंद्र सरकार ने दूसरी लहर से लड़ने के लिए स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की तैयारी नही की और ना ही जनता को इस बारे मे भली-भांति चेतावनी दी। बल्कि 5 राज्यों  मे कई चरणों मे चुनाव ,कुम्भ मेले जैसे गैरजिम्मेदाराना कदम उठाए और जनता को बढ़ -चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया। WHO ने माना है कि चुनाव और कुंभ भारत मे सबसे बड़े सुपर स्प्रेडर साबित हुये हैं । साथ ही विपक्ष ने,चाहे वो काँग्रेस हो,टीएमसी हो या कोई ओर पार्टी, इन मसलो पर वाजिब सवाल तो उठाए लेकिन अपनी सरकार वाले राज्यो मे उन्हें महामारी को रोकने के लिए लागू नही किए। यहाँ तक कि राजस्थान सरकार ने तो टोंक के एक पत्रकार को कोरोना की असली स्थिति, ऑक्सिजन की कमी को उजागर करने पर गिरफ़्तार कर लिया।
इस पर एक अन्य कोविड-मरीज़-परिजन ने कहा, “ जयपुर सरकार का तानाशाही रवैया है, जो चाहे अपनी मर्ज़ी से कर रही है। ख़ास तौर से ये जो सेंटर गवर्नमेंट है, अपनी मर्ज़ी से कर रही है। उनको पता था कि  कोरोना बढ़ेगा, दिख रहा था केसस बढ़ रहे हैं लगातार दूसरी लहर में, फिर भी वहाँ लगातार इलेक्शन करवा रहे हैं, रैलियाँ कर रहे हैं लगातार, कोई सी भी राजनीतिक पार्टी, जो भी हो, लगातार वहाँ भीड़ कर रही है। उनको तैयारी यह करनी चाहिए थी, कोरोना की दूसरी लहर को कंट्रोल करने की, लेकिन इन्होंने तैयारी तो वो कर रखी है! जब चुनाव में पढ़ाया, जाति धर्म को पढ़ाया, लेकिन इक्जाम में आ गया हॉस्पिटल कहाँ हैं? जवाब कैसे देंगे? गवर्नमेंट ने तो मेसेज दे दिया कि आत्म-निर्भर बनो। तो आम जनता को मेरा यही मेसज है कि खुद तैयारी करो, इनके भरोसे मत रहो क्यूँकि वो तो बस देख रहे हैं। केंद्र सरकार से कोई उमीद नहीं लगती मेरे को। राजस्थान गवर्नमेंट ने जो भी किया, ओकसीजन सप्लाय तो प्रोपर से हुई नहीं।”
वहाँ उपस्थित मरीज़ों, उनके परिजनों, स्टूडेंट-डोकटरों, वार्ड अटेंडेंट, नर्सिंग स्टाफ़, से लेकर अम्बूलेंस और औटो ड्राइवरों तक सबका यही मानना था ज़मीनी हक़ीक़त सरकारी आँकड़ों से कहीं ज़्यादा खराब है और यदि सरकारें चाहतीं तो कोरोना की दूसरी लहर इतनी भयानक नहीं होती।
मुनाफे के लिए जनता के शोषण पर टिकी व्यवस्था की सबसे बड़ी मार पड़ती है समाज के सबसे कमजोर तबकों पर – मजदूर, रेडी-टपरी वाले, सब्जी वाले ,दिहाड़ी मज़दूर, सफाई कर्मचारी, वार्ड बॉय, तमाम मेहनतकश जनता साथ ही आप और हम जैसे लोगो पर। शहर की अधिकत्तर जनसंख्या गरीब-दलित बस्तियों मे रहती है, जहां सबसे कम मूलभूत सुविधाएं  है, सबसे ज़्यादा कुपोषण है, जहां लोगों की प्रतिरोधक क्षमता सबसे केएम है। इसी जनसंख्या का बड़ा हिस्सा कोरोना काल मे शहर के अस्पतालों, जांच केन्द्रो , शमशान घाटो और तमाम आवश्यक सेवाओं मे  काम कर रहा है। संक्रमण का सबसे ज्यादा खतरा झेल रहे इन लोगो को काम करते वक़्त ना तो खुद की सुरक्षा के लिए PPE किट , मास्क ,दस्तानें आदि दिये जाते है और ना ही पूरा वेतन मिलता है।
क्रांतिकारी नौजवान सभा की तात्कालिक मांगे हैं:-
1. भारत सरकार देश की सभी निजी अस्पतालों को अपने कब्जे में लेकर देश की स्वास्थ्य सेवाओं का 100 % राष्ट्रीयकरण करे और सभी कोरोना पीड़ित मरीजों का तुरंत प्रभाव से निशुल्क इलाज सुनिश्चित करे। स्वास्थ्य बजट को जीडीपी  का 3% करे।
2. देश के सभी नागरिकों का अगले 6 माह में  कोरोना से प्रतिरोधक क्षमता हासिल करने के लिए वैक्सिनेशन किया जाए।
3 कोविड वारीयर की परिभाषा को व्यापक करते हुये शमशान घाट मे काम करने वालों ,कोरोना संक्रमित मरीजो/मृत शरीरों  को लाने ले जाने वाले वाहनों के ड्राइवर्स व कोरोना केन्द्रों मे  किसी भी प्रकृति का काम करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को इसमे शामिल किया जाए। इस परिभाषा को सख्ती से लागू करते हुए कॉविड वॉरियर्स के नाम और पहचान की संपूर्ण सूची सार्वजानिक की जाए। कोविड वारीयर का वेक्सिनेशन आनिवार्य रूप से प्राथमिकता से किया जाए, संक्रमण से मौत हो जाने पर 50 लाख का मुआवजा दिया जाए।
4. कोरोना के इलाज में प्रयुक्त सभी दवाओं, ऑक्सीजन, मेडिकल उपकरण आदि की उपलब्धता केंद्र सरकार सुनिश्चित करे।
5. कोरोना सेंटर में कोविड प्रोटोकॉल ठीक से राज्य सरकार लागू करे ताकि मरीजों के परिजनों आदि के जरिए रोग का संक्रमण रोका जा सके।
6. स्वास्थ्य विभाग वर्तमान स्थिति को देखते हुए तुरंत प्रभाव से डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, प्रयोगशाला सहायक व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की तुरंत नियुक्ति करे।
7. कोरोना के अलावा अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों के उपचार की  व्यवस्था जारी रखी जाए ।
8. सार्वजनिक राशन प्रणाली को सभी के लिए सुलभ बनाते हुए दिहाड़ी मजदूरों, मनरेगा मजदूरों, रिक्शा चालकों व 3 लाख से कम सालाना आय वाले हर परिवार के लिए हर महीने पर्याप्त पोषक राशन(प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने के लिए प्रायप्त प्रोटीन, विटामिन, मिनरल आदि युक्त) की व्यवस्था की जाए। यदि पूर्ण लोकडाउन लगाया जाता है तो इस श्रेणी के हर परिवार को 10 हज़ार रुपे हर महिना गुजारा भत्ता दिया जाए ।
9. कोरोना संकट के दौरान मजदूरों, कर्मचारियों का वेतन रोका या काटा नहीं जाए तथा छंटनी पर रोक लगाई जाए ।
10. कोरोना जांच में तेजी लाने के लिए रैपिड एंटीजन टेस्ट का इस्तेमाल व्यापक पैमाने पर किया जाए ताकि संक्रमित व्यक्ति की पहचान जल्दी हो। पॉजिटिव पाए जाने पर अगले चरण में RTPCR जाँच करी जा सकती है।
11. कोरोना संकट के खत्म होने तक आमजन के बिजली, पानी के बिल, मकान किराया अथवा EMI आदि माफ करे जाएं। जनसेवाओं का निजीकरण बंद करो ।

रेमडिसीविर, टोसिलिजुमैब इंजेक्शन,  फैवीपिरावीर टैबलेट्स और ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी रोकने के लिए किया टीम का गठन

ऑक्सीजन सिलेंडर व जीवनदायिनी दवाओं की   कालाबाजारी रोकने के लिए किया टीम का गठन
जयपुर, 22 अप्रेल। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॅा. रघु शर्मा के निर्देश पर कोरोना संक्रमित मरीजों और उपभोक्ताओं को निजी चिकित्सालयों एवं दवा स्टॉकिस्ट, विक्रेता के स्तर में रेमडिसीविर, टोसिलिजुमैब इंजेक्शन,  फैवीपिरावीर टैबलेट्स और ऑक्सीजन सिलेंडर की उपलब्धता की सुनिश्चिता के लिए 4 सदस्यीय टीम का गठन किया है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सचिव सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि  इस टीम में  औषधि नियंत्रक विभाग के दिनेश कुमार तनेजा,  मनीष कुमार मोदी व कोमल रूपचन्दानी और राजस्थान फार्मेसी कौंसिल के सदस्य  नवीन सांघी को शामिल किया गया है । यह टीम  जयपुर स्थित निजी चिकित्सालयों एवं दवा स्टॉकिस्ट, विक्रेता का निरीक्षण कर उक्त औषधियों की सप्लाई वितरण, विक्रय इत्यादि की गहनता से जांच कर प्रतिदिन सांय 6 बजे अपनी रिपोर्ट औषधि नियंत्रण संगठन, मुख्यालय को प्रेषित करेगें एवं अनियमित्ताओं के क्रम में अगवत करवाते हुये नियमानुसार कार्यवाही सम्पादित करेंगे।
साथ ही यह टीम औषधियों एवं मेडिकल ऑक्सीजन की कालाबाजारी इत्यादि के संबंध में प्राप्त शिकायतों के क्रम में नियमानुसार कार्यवाही सम्पादित करते हुए कार्यवाही की सूचना प्रतिदिन अलग से प्रस्तुत करेगी।

महात्मा ज्योतिराव फुले – सामाजिक क्रांति के अग्रदूत रहें हैं युवा शक्ति को उनका अनुसरण करना चाहियें – शुश्री शाहिस्ता  

संवैधानिक अधिकार संगठन का विशेष सत्र – आओं महामानवों को जानें 
#महात्मा ज्योतिराव फुले 
14  अप्रैल 2021 से  “ डॉ बाबा साहब की जयंती “  से 100 महामानवों के जीवन पर होगी चर्चा
जयपुर | डॉ बाबा साहब आंबेडकर जी के 130वीं जयंती के अवसर पर संवैधानिक अधिकार संगठन ने एक नई मुहीम शुरू की हैं जिसमें सामाजिक क्षेत्र में सुधार करने वालें महामानवों के बारें में विस्तृत से हम जानें क्योकिं आज की युवा शक्ति अपने महामानवों को सिर्फ जयंतीयों तक ही सीमित कर दिया हैं जबकि हमें उनके संघर्ष को जानना चाहियें और आत्मसात करना चाहियें और अपने जीवन में उनके संघर्ष से प्रेरणा लेकर सामाजिक क्षेत्र में समानता , बंधुता , स्वतंत्रता न्याय मुल्लों को व्यवहार में अमल लाना चाहियें जिससे समता मूलक समाज का निर्माण हो सके |
कार्यक्रम में मुख्यवक्ता सामाजिक कार्यकर्ता शाहिस्ता खान ने ज्योतिराव फुले के जीवन के विभिन्न घटनाओं पहलों पर  विस्तृत जानकारी अन्य साथियों से साझा की उन्होंने कहा की ज्योति राव फूले ने अपने जीवन में जातीय आधारित गैर बराबरी व्यवस्था के शिकार रहें और इस व्यवस्था को बदलने के लिये ताम्र संघर्ष करते रहें उनके संघर्ष में उनकी जीवनसाथी माता सावित्रीबाई फुले ने उनका साथ दिया और  सावत्री बाई फुले पहले खुद शिक्षित बने और – बालिकाओं महिला शिक्षा को प्राथमिकता देते हुयें 1 जनवरी 1848 को लड़कियों का पहला स्कूल शुरू किया था जब ज्योतिराव फुले को उनके जीवनसाथी सावित्रीबाई फुले के साथ पिता ने घर से बाहर निकाल दिया था  तब उनके मित्र उस्मान भाई और उनकी छोटी बहन फ़ातिमा शेख ने उनका साथ दिया तथा  माँ सावत्री बाई के साथ मिलकर उस्मान भाई के घर पर ही पहला बालिका स्कूल खोला यह विकसित समाज की सोच रही थी एक उनका संघर्ष था और आज भी हम 2021 में भी महिला सशक्तिकरण , सुरक्षा और बराबरी की बात कर रहें हैं |
प्रदेशाध्यक्ष धर्मेन्द्र तामडिया ने कहा कि सामाजिक क्रांति के अग्रदूत  संवैधानिक भारत के राष्ट्रपिता महात्मा ज्योतिबा फुले जब अपने सामान्य जाति के मित्र के विवाह समारोह में बरात में गए हुए थे तो वहां से सामान्य जाति के लोगों ने शूद्र कहकर अपमानित  किया और तुम चले जाओ यहां से तुम शूद्र हो हमारे सामान्य जाति के लोगों के साथ साथ में शामिल नहीं हो सकते और विवाह समारोह से बेदखल कर दिया था तब फुले जी को बहुत अपमानित होना पड़ा था और तभी से फुले जी ने क्रांति की शुरुआत कर दी थी उन्होंने ठान ली थी कि जब मेरे ओबीसी समुदाय के साथ इतना जातिवाद छुआछूत किया जा रहा है तो मेरे दलित अछूत भाइयों के साथ कितना अपमानजनक व्यवहार किया जाता होगा यह मैं सोच भी नहीं सकता तभी फुले जी ने वंचित और दलितों, शूद्रों के लिए पहला स्कूल 1948 में खोला था महात्मा फुले ने माता सावित्रीबाई फुले को पढ़ा लिखा कर महिला सशक्तिकरण की सोच के साथ आगे बढ़ाने के लिए महिला स्कूल खोलने के लिए प्रेरित कर 1857 में महिला स्कूल की स्थापना कर माता सावित्रीबाई फुले को स्कूल में पढ़ाने के लिए प्रेरित किया फुले दंपति ने अपने जीवन काल में अनाथ आश्रम, विधवा महिलाओं के लिए आश्रम और सभी को शिक्षा देने का काम किया और हमेशा समता की पक्षधर फुले जी ने जाति धर्म छुआछूत का विरोध अंतिम समय तक किया |
सीमा कुमारी – मुख्य सलाकार ने आपकी महात्मा फुले जी ने महिला सशक्तिकरण के लिए माता सावित्रीबाई फुले को पढ़ा लिखा कर देश की प्रथम महिला शिक्षिका बनाने का काम किया और जब माता सावित्रीबाई फुले महिलाओं को शिक्षा देने के लिए जाती तो उन पर सामान्य जाति की महिलाएं गोबर फेंक दी थी जिसके कारण उनको 2 साड़ियां बैग में साथ में लेकर चलती थी लेकिन इतनी विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने महिलाओं को शिक्षा देने का काम बंद नहीं किया अगर सावित्रीबाई फुले ने संघर्ष घर की महिलाओं को शिक्षा नहीं दी होती तो शायद आज आम महिलाओं को शिक्षा अधिकार मिल पाना मुश्किल होता सभी को धन्यवाद प्रस्तुत कर कार्यक्रम समापन किया गया |
इस अवसर पर विभिन्न राज्यों से सामाजिक कार्यकर्ता जुड़े गुजरात से जिग्नेश सोलंकी, विजय मकवाना, छत्तीसगढ़ से कृष्णा पाठक,  चंद्रमोहन मौर्य, राम तरुण जी , पवन देव , साबिर कुरैशी , रतन लाल बेरवा  ,  राज बाला जी , मीरा जी ,   उग्नता जी , आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे |