प्रदेश के मीसाबंदी अब कहलाएंगे – लोकतंत्र रक्षक सैनानी

जयपुर, 12 दिसम्बर। आपातकाल के दौरान राजनीतिक और सामाजिक कारणों से जेल में बंद रहे प्रदेश के मीसाबंदी अब लोकतंत्र रक्षक सैनानी के रूप में जाने जाएंगे। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे की अध्यक्षता में मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में हुई मंत्रिमण्डल की बैठक में ‘राजस्थान मीसा एवं डी.आई.आर. बंदियों को पेंशन नियम, 2008‘ में संशोधन का निर्णय लिया गया।

संसदीय कार्य मंत्री श्री राजेन्द्र राठौड़ ने मंत्रिमण्डल की बैठक में हुए निर्णयों की जानकारी मीडिया को देते हुए बताया कि राजस्थान मीसा एवं डी.आई.आर. बंदियों को पेंशन नियम, 2008 में संशोधन कर इसका नाम ‘राजस्थान लोकतन्त्र रक्षक सम्मान निधि नियम, 2008‘ किया जाएगा। अब राजस्थान के मूल निवासी ऎसे बंदी जो आपातकाल के दौरान राज्य से बाहर की जेलों में रहे हैं उन्हें भी इन नियमों के तहत पेंशन एवं भत्ते दिए जाएंगे। अब तक सिर्फ राजस्थान की जेलों में बंद रहे राज्य के मूल निवासी मीसा बंदी ही पेंशन और भत्ते के हकदार थे।
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संशोधन के तहत एक माह जेल में रहने वाले ऎसे मीसा बंदी भी पेंशन एवं भत्तों के हकदार होंगे जो उस समय वयस्क नहीं थे। अब तक जेल में रहे केवल ऎसे मीसाबंदियों को ही पेंशन मिलती थी जो उस समय वयस्क थे।
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