मोदी की “बिग विक्ट्री” से ड़र गया ड्रेगन, पाक भी पस्त

नई दिल्ली। भाजपा को पांच राज्यों में मिली अपार जीत का असर देश के साथ देश के बाहर भी हो रहा है। देश का सबसे बड़ा पड़ोसी मुल्क चीन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस बड़ी जीत के बाद सहम गया है। इसके चलते वहां पर चीन के साथ किसी तरह के समझौते की संभावना कम होने की बातें होने लगी हैं।

चीनी मीडिया के हवाले से लिखा गया है कि भारत में बीजेपी की पांच में चार राज्यों में सरकार बनने का मतलब है कि अब मोदी चीन के साथ कोई समझौता नहीं करेगा। यदि समझौता करेगा तो भी झुकने की संभावना नहीं के बराबर हो गई हैं।

पड़ोसी मुल्क के मीडिया ने भाजपा की जीत को एक तरह से चीन के खिलाफ करार देते हुए लिखा है कि बीजेपी की ये बड़ी जीत बीजिंग के लिए अच्छी नहीं है। ड्रेगन के सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने मोदी और बीजेपी की जीत को चीन के लिए अच्छी खबर नहीं बताया है।

ग्लोबल टाइम्स ने दावा किया 2019 में भी मोदी जीतेंगे

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के न्यूज पेपर ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि बीजेपी की जीत के बाद अब भारत—चीन के बीच समझौता होना और मुश्किल हो गया है। लिखा है कि पीएम मोदी का देश की सियासत में सख्त रूख रहेगा। साथ ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी उनका रवैया अब और कठोर हो जाएगा। चीन मीडिया ने लिखा है कि 2019 में भी बीजेपी जीत हासिल करेगी।

भारत नहीं करेगा समझौता

विदेश स्तर पर प्रधानमंत्री मोदी ने देश की छवि को बदलकर रख दिया है। इससे पहले भारत किसी देश के आहत नहीं करने का रूख रखता था। अब भारत अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर तीखा और साफ रुख रखने लगा है। चीनी मीडिया ने साफ लिखा है कि यदि मोदी अगला लोकसभा चुनाव भी जीतते हैं तो भारत का मौजूदा सख्त रूख आगे और भी कठोर हो जाएगा। जिसके चलते दूसरे देशों के साथ भारत का समझौता करना और भी मुश्किल होगा।

भारत-सिनो सीमा की दिवाली खतरनाक इरादा

चीनी मीडिया ने पीएम मोदी के द्वारा बीते साल भारत—सिनो सीमा पर ​दीवाली मनाने का जिक्र करते हुए लिखा है कि भारतीय सेना के जवानों के साथ मोदी दीवाली मनाने जाते हैं। हालांकि अभी भी इस सीमा पर बीजिंग और दिल्ली में विवाद का कोई निर्णय नहीं निकला है। मोदी ने यहां पर दीवाली मनाकर साफ संदेश दे दिया है।

शक्ति संतुलन बनाने में लगा भारत

लिखा है कि मोदी के सख्त रुख लगता है कि भारत अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के साथ शक्ति संतुलन बिठाने में जुटा है। भारत ने चीन के साथ भी कई करार किए हैं। इनमें शंघाई कॉर्पोरेशन ऑर्गेनाइजेशन में भारत का सदस्य बनना भी खास है। पीएम मोदी जहां चीन के साथ मसौदे कर रहे हैं, वहीं अमेरिका व जापान के साथ रक्षा सौदे किए हैं। मोदी दक्षिणी चीन समुद्री सीमा पर अमेरिका के साथ सहयोग कर अपने इरादे दिखा रहे हैं।

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